राजनीति विज्ञान में शक्ति (Power in Political Science) क्या है? इस लेख में शक्ति की परिभाषा, महत्व, प्रकार (राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य, वैचारिक), शक्ति के स्रोत तथा महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर को सरल हिंदी में विस्तार से समझाया गया है।



🔹राजनीति विज्ञान में शक्ति क्या है ?

(Power in Political science)

🔹राजनीति विज्ञान में शक्ति की परिभाषा ।

🔹राजनीति विज्ञान में शक्ति का महत्व

(Importance of Power in Political Science) 

🔹शक्ति के प्रमुख प्रकार (Types of Power in Political science)

  राजनैतिक शक्ति (Political Power)

  आर्थिक शक्ति (Economic Power)

  सैन्य शक्ति (Military Power)

  वैचारिक शक्ति (Ideological Power)

🔹राजनीति विज्ञान में शक्ति के स्रोत (Sources of Power) ।

🔹शक्ति (Power) से संबंधित प्रमुख प्रश्नोत्तर ।



 राजनीति विज्ञान में शक्ति क्या है ?

(Power in Political science)



शक्ति राजनीति विज्ञान का एक मूलभूत(Fundamental) और केंद्रीय (Central) सिद्धांत है।
शक्ति को राजनीति का केंद्रबिंदु” कहा जाता है ।सरल शब्दों में - 

“शक्ति वह क्षमता है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति या समूह दूसरों के व्यवहार को अपनी इच्छा के अनुसार प्रभावित या नियंत्रित कर सके।”

 शक्ति , एक जटिल एवं व्यापक संकल्पना है , जिसके बहुत से आयाम हैं। ल्यूकस के अनुसार, शक्ति विवादास्पद संकल्पना है । लेकिन इसके तीन आयाम हैं।

(i) शक्तिशाली हितों को दूसरे पर आरोपित करना । 

(ii) शक्ति एजेंडा के रूप में ।

(iii) शक्ति संरचनात्मक है , जिसके द्वारा लोगों के प्रत्यक्षण ( Perception) का निर्माण होता है। 



राजनीति विज्ञान में शक्ति की परिभाषा : 


रॉबर्ट ए. डाहल (Robert A. Dahl)

A के पास इतनी शक्ति है कि वह B से वह कार्य करवा सकता है जो B सामान्यतः नहीं करता।


मैक्स वेबर (Max Weber)

किसी सामाजिक संबंध में, एक व्यक्ति की यह संभावना कि वह विरोध के बावजूद अपनी इच्छा पूरी कर सके — यही शक्ति है।


लैसवेल और कापलान (Lasswell & Kaplan)

  शक्ति निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी करने की क्षमता है।

स्टीवन लुकस : 

स्टीवन लुकस ने अपनी पुस्तक "POWER:  A RADICAL VIEW" (1974) में निम्न आधार पर व्याख्या किया है 

' साधारणतया लोग कुछ नहीं करना चाहते ,उनसे वैसा कराने की क्षमता को शक्ति कहा जाता है , अर्थात जब एक व्यक्ति दूसरे की इच्छा के विरूद्ध कोई कार्य करवाता है ,तो पहला व्यक्ति उस पर शक्ति का प्रयोग कर रहा है ।



राजनीति विज्ञान में शक्ति का महत्व

(Importance of Power in Political Science) : 


राजनीति का मूल तत्व ही शक्ति है।
राजनीति का अर्थ ही है — “शक्ति का अधिग्रहण (acquisition), वितरण (distribution) और प्रयोग (use)”।
इसलिए, राजनीति विज्ञान को “शक्ति का अध्ययन (study of power)” भी कहा जाता है।

  बर्टेंड रसेल के अनुसार, शक्ति इच्छित परिणामों को उत्पादित करना है ।  द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात राजनीति विज्ञान का विकास शक्ति विज्ञान के रूप में हुआ। तथा राज्य व सरकार के अध्ययन के बजाय शक्ति के अध्ययन को अधिक महत्वपूर्ण माना गया । 

🔹 अमेरिका में व्यवहारवाद के जन्मदाता चार्ल्स मरियम ने राजनीति विज्ञान में शक्ति को अध्ययन का केंद्र बनाया।हेराल्ड लॉसवेल ने  अपनी रचना Politics:who gets what,when,how  (1936) में शक्ति को अध्ययन का केंद्रीय विषय माना। 

🔹आधुनिक युग में शक्ति का आनुभविक रूप में अध्ययन करने का श्रेय रॉबर्ट डाल को जाता है। इनकी रचना Who governs: Democracy and Power in an American City ( 1961 ) है। 

🔹 जे आर ल्यूकस के अनुसार , शक्ति दूसरे के चिंतन एवं आवश्यकताओं को निर्धारित करने की क्षमता है। अतः शक्ति वैचारिक क्षमता या मनोवैज्ञानिक नियंत्रण है। 

🔹केट मिलेट ने अपनी पुस्तक Sexual Politics (1961) 

में कहा कि राजनीतिक शक्ति संरचना पर आधारित संबंध है जिसके द्वारा एक समूह दूसरे को नियंत्रित करता है। 

🔹उदारवादियों ने शक्ति को राजनीतिक रूप में स्वीकार किया है ।उनके अनुसार शक्ति संविधान एवं राजनीतिक व्यवस्था में विद्यमान है । 



शक्ति के प्रमुख प्रकार (Types of Power in Political science) 


राजनैतिक शक्ति (Political Power):


राजनैतिक शक्ति (Political Power) का अर्थ है — किसी समाज, राज्य या संगठन में निर्णय लेने, नीतियाँ बनाने और उन्हें लागू करने की सामर्थ्य या अधिकार। भारत में ये शक्तियां मुख्यता राष्ट्रपति, कार्यपालिका और न्यायपालिका आदि में विभाजित हैं।


राजनैतिक शक्ति के प्रकार


वैधानिक शक्ति (Legitimate Power):

संविधान, कानून या संस्था द्वारा प्रदान की गई शक्तियां— जैसे प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति,मुख्यमंत्री, न्यायाधीश, राज्यपाल आदि को कानून द्वारा शक्तियां प्राप्त होती हैं।


अवैधानिक शक्ति (Illegitimate Power):

जो शक्तियां कानून या संविधान द्वारा प्राप्त नहीं होती बल्कि वैधानिक ढाँचे के बाहर से प्राप्त होती है, जैसे  दबाव समूह, माफिया, या भीड़ की शक्ति।


 प्रत्यक्ष शक्ति (Direct Power):

जब कोई व्यक्ति सीधे निर्णय लेता है,तथा उसके निर्णय को मान्यता मिलती है  उसे प्रत्यक्ष शक्ति कहते हैं जैसे राष्ट्रपति द्वारा दिया गया आदेश।


 अप्रत्यक्ष शक्ति (Indirect Power):

जब कोई व्यक्ति या संगठन दूसरों को प्रभावित करके निर्णय पर असर डालता है , जैसे मीडिया या लॉबी ग्रुप।

आर्थिक शक्ति (Economic Power):

आर्थिक शक्ति वह शक्ति है जिससे कोई व्यक्ति या समूह  धन, संपत्ति,आर्थिक साधनों ,उत्पादन और बाजार पर प्रभाव डाल सके।

जैसे -🔹जिसके पास अधिक धन होता है,उसके पास निर्णयों को प्रभावित करने की क्षमता अधिक होती है ।

🔹जमीन ,फैक्टरी या तकनीति पर नियंत्रण रखने वाले लोग आर्थिक रूप से शक्ति शाली होते हैं। 

🔹 अमेरिका,चीन , रूस जैसे देश आर्थिक रूप से मजबूत होने के कारण अन्य देशों की नीतियों पर प्रभाव डालते हैं।

🔹बड़े उद्योगपति जैसे अंबानी ,अदानी,टाटा  आदि सरकार की आर्थिक नीतियों पर प्रभाव डाल सकते हैं।


सैन्य शक्ति (Military Power):


किसी देश या समूह की वह क्षमता जिससे वह बल प्रयोग (use of force) करके अपनी सुरक्षा की रक्षा कर सके, अन्य देशों पर प्रभाव डाल सके, या अपने राजनीतिक-आर्थिक हितों की रक्षा कर सके, सैन्य शक्ति कहलाती है 

सैन्य शक्ति निम्न बिंदुओं पर आधारित होती है ।

🔹 सेना की संख्या और उनका प्रशिक्षण 

🔹 हथियार, मिसाइल, परमाणु बम,टैंक,विमान,आदि ।

🔹रक्षा उपकरणों का उत्पादन अर्थात जो देश रक्षा उपकरणों का उत्पादन स्वयं करता है उसकी सैन्य निर्भरता कम होती है।

🔹 अच्छी योजना ,गुप्तचर विभाग, निर्णय लेने की क्षमता आदि सैन्य क्षमता का हिस्सा है।

🔹देश के सैनिकों और नागरिकों का मनोबल भी सैन्य शक्ति को मजबूत बनाता है।

👉 अमेरिका,रूस चीन जैसे देशों की सैन्य शक्ति इतना अधिक है कि वो दूसरे देशों की राजनीति को भी प्रभावित करते हैं।




वैचारिक शक्ति (Ideological Power):



वैचारिक शक्ति वह शक्ति है जिससे कोई व्यक्ति या समूह , विचारों, मान्यताओं, धर्म या सिद्धांतों के माध्यम से लोगों को प्रभावित या  नियंत्रित करते हैं।

जैसे - कोई राजनीतिक, धार्मिक या सामाजिक विचारधारा — जैसे लोकतंत्र, समाजवाद, पूँजीवाद, राष्ट्रवाद, नारीवाद आदि लोगों की सोच को दिशा देती है।

🔹स्कूल, कॉलेज और पाठ्यक्रमों के माध्यम से किसी विशेष सोच या मूल्य को फैलाया जा सकता है।

🔹समाचार, फिल्में, सोशल मीडिया आदि के ज़रिए विचारों को फैलाया या नियंत्रित किया जा सकता है।

🔹नेता और पार्टियाँ अपने भाषणों व नीतियों से जनता की सोच को प्रभावित करती हैं।

🔹महात्मा गांधी ने “अहिंसा” और “सत्याग्रह” के विचार से लोगों को प्रेरित किया — यह वैचारिक शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।


राजनीति विज्ञान में शक्ति के स्रोत (Sources of Power in Political science) : 


कानूनी अधिकार (Legal Authority)

ऐसे अधिकार  संविधान या कानून से प्राप्त अधिकार या शक्ति होते है जोकि पद या पदानुक्रम के अनुसार मिलते हैं। जैसे - प्रधानमंत्री, कलेक्टर, जज आदि को प्राप्त शक्ति । 


धन और संसाधन (Economic Resources) –धन ,आर्थिक साधनों, भूमि , उद्योग आदि से आर्थिक निर्भरता बढ़ती है, जोकि शक्ति को बढ़ाती है। जैसे - 

बड़े उद्योगपति, कॉरपोरेट समूह आदि।


ज्ञान और शिक्षा (Knowledge) – बुद्धिमत्ता या सूचना के बल पर अपने विचारों को जनता तक प्रसारित करके राजनीतिक शक्ति प्राप्त होती है  । जैसे - मीडिया हाउस या बड़े शिक्षकों द्वारा प्राप्त शक्ति।


व्यक्तित्व (Charisma) – किसी व्यक्ति के आकर्षक व्यक्तित्व से दूसरों पर प्रभाव डालकर शक्ति प्राप्त की जा सकती है । जैसे - भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व के कारण भारतीय जनता पार्टी की शक्ति बढ़ी है। 


बल प्रयोग (Force) – हिंसा या धमकी के माध्यम से आज्ञापालन करवाकर भी शक्ति अर्जित की जाती है। परंतु संविधान का उल्लंघन होने पर कानूनी रूप से सजा का भी प्रावधान है। 


 निष्कर्ष (Conclusion)


👉 राजनीति विज्ञान में ' शक्ति ' वह साधन है जिसके माध्यम से समाज में संसाधनों, अधिकारों और निर्णयों का वितरण होता है।
अर्थात “जहाँ शक्ति है, वहीं राजनीति है।”




शक्ति (Power) से संबंधित प्रमुख प्रश्नोत्तर 


 1. शक्ति (Power) क्या है?

उत्तर:

शक्ति वह क्षमता है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति या समूह दूसरों के व्यवहार, निर्णयों या कार्यों को प्रभावित या नियंत्रित कर सके।

👉 “Power is the ability to influence the behaviour of others.” – Robert Dahl


2. राजनीति में शक्ति का क्या अर्थ है?

उत्तर:

राजनीति में शक्ति का अर्थ है — शासन करने, नीतियाँ बनाने और उन्हें लागू करवाने की क्षमता।

यह किसी राज्य या संस्था की निर्णय-प्रक्रिया पर नियंत्रण को दर्शाती है।



 3. शक्ति के प्रमुख प्रकार कौन-कौन से हैं?

उत्तर:

 राजनीतिक शक्ति (Political Power)

 आर्थिक शक्ति (Economic Power)

 सैन्य शक्ति (Military Power)

सामाजिक शक्ति (Social Power)

 वैचारिक शक्ति (Ideological Power)



 4. शक्ति और अधिकार (Power and Authority) में क्या अंतर है?

शक्ति (Power) :

1 . प्रभाव डालने की क्षमता होती है ।

2 शक्ति वैध या अवैध दोनों हो सकती है

3 भय या दबाव से भी प्राप्त की जा सकती है

4 अस्थायी भी हो सकती है

अधिकार (Authority) : 

1. वैध शक्ति (Legitimate Power) को अधिकार कहते हैं।

2. हमेशा वैध होते हैं ।

3. कानून या पद से प्राप्त होते हैं।

4. संस्थागत रूप से मान्यता प्राप्त होते है ।



 5. शक्ति के स्रोत (Sources of Power) क्या हैं?

उत्तर:

आर्थिक संसाधन

ज्ञान और सूचना

पद और अधिकार

जनसमर्थन

संगठन या नेटवर्क

वैचारिक व सांस्कृतिक प्रभाव


 6. “Power is a relation, not a possession”  इस कथन का अर्थ क्या है?

उत्तर:

यह कथन बताता है कि शक्ति किसी वस्तु की तरह नहीं होती जिसे कोई व्यक्ति “रख” ले;

बल्कि यह संबंध (relationship) है — यानी शक्ति तभी प्रकट होती है जब एक व्यक्ति दूसरे को प्रभावित करता है।



 7. शक्ति पर प्रमुख विचारक (Thinkers) कौन-कौन हैं?

उत्तर:

Max Weber: शक्ति और वैधता (Authority) का अंतर बताया।

Robert Dahl: शक्ति को “निर्णय-निर्माण की क्षमता” के रूप में देखा।

Steven Lukes: शक्ति के तीन आयाम (Three Dimensions of Power) बताए।

Michel Foucault: शक्ति को हर सामाजिक संरचना में “सर्वव्यापी और नेटवर्क आधारित” बताया।


 8. स्टीवन ल्यूक्स (Steven Lukes) के अनुसार शक्ति के तीन आयाम क्या हैं?

उत्तर:

1. निर्णयकारी शक्ति (Decision-making power)

2. एजेंडा-निर्धारण शक्ति (Agenda-setting power)

3. वैचारिक या विचार नियंत्रण शक्ति (Ideological power)


9. माइकल फूको (Michel Foucault) शक्ति के बारे में क्या कहते हैं?

उत्तर:  फूको के अनुसार शक्ति किसी एक व्यक्ति या संस्था के पास नहीं होती , बल्कि यह समाज के हर संबंध और संस्था में व्याप्त होती है ।  यह “everywhere and from everywhere” कार्य करती है।


10. शक्ति और प्रभाव (Power and Influence) में अंतर क्या है?

उत्तर :   शक्ति (Power)                    

1 . बलपूर्वक लागू की जा सकती है

2. औपचारिक या अनौपचारिक दोनों हो सकती है

3. नियंत्रण का भाव रखती है

प्रभाव (Influence):

1. सहमति से कार्य करता है

2. प्रायः अनौपचारिक 

3. प्रेरणा या विश्वास का भाव रखती है।




#polsciencenet 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ