मैकियावेली कौन था ? मैकियावेली का जीवन परिचय, राजनीतिक दर्शन, शासन सिद्धांत, प्रमुख रचनाएं और भारत का मैकियावेली—UPSC व अन्य परीक्षाओं के लिए संपूर्ण नोट्स।


मैकियावेली कौन था ? मैकियावेली का जीवन परिचय, राजनीतिक दर्शन, शासन सिद्धांत, प्रमुख रचनाएं और भारत का मैकियावेली—UPSC व अन्य परीक्षाओं के लिए संपूर्ण नोट्स।



🔹मैकियावेली कौन था? मैकियावेली का जीवन परिचय ।

🔹मैकियावेली के विचार ।

🔹मैकियावेली का राजनीतिक दर्शन (विचार)।

🔹मैकियावेली की शासन प्रणाली ।

🔹मैकियावेली की रचनाएं ।

🔹भारत का मैकियावेली ।

🔹 संबंधित प्रश्नोत्तर।




मैकियावेली कौन था? मैकियावेली का जीवन परिचय :


पुनर्जागरण काल के प्रसिद्ध राजनीतिक दार्शनिक निकोलो मैकियावेली का जन्म इटली के फ्लोरेंसनगर में 3 मई 1469 को हुआ था । इनका परिवार एक संपन्न व शिक्षित परिवार था। मैकियावेली की प्रसिद्ध पुस्तक 'The Prince' है, जिसे उन्होंने फ्लोरेंस के शासक लोरेन्ज़ो दे मेडिची को समर्पित की थी । मैकियावेली की पुस्तक 'The prince' को हीगल ने महान और एक वास्तविक प्रतिभाशाली व्यक्ति की सच्ची धारणा की संज्ञा दी। उन्होंने लैटिन, इतिहास और राजनीति का गहन अध्ययन किया। मैकियावेली 1498 में फ्लोरेंस गणराज्य के चांसलेरी के सचिव बने और 1512 तक सेवा की । उन्होंने भाड़े के सैनिकों के बजाय फ्लोरेंस की अपनी मिलिशिया (नागरिक सेना) बनाने का विचार दिया, जो सफल रहा । 1512 में मेडिसी परिवार के सत्ता में लौटने पर उन्हें पद से हटा दिया गया और निर्वासित कर दिया गया ।  मैकियावेली का निधन 21 जून, 1527 को फ्लोरेंस, इटली में हुआ। 


मैकियावेली के विचार : 


मैकियावेली के समय में यूरोप में सामंतवाद से पूर्ण निरंकुश राजतंत्र सत्ता का विकास हो रहा था, तथा चर्च का प्रभाव निरंतर कम हो रहा था एवं एक नये वाणिज्यिक वर्ग का उदय हो रहा था । समुद्री यात्राओं का भी विकास हो रहा था। इस प्रभाव के कारण इनके विचार राजनीति, सत्ता और शासन से जुड़े थे। इनका उद्देश्य व्यावहारिक था, इनका लक्ष्य इटली की एकता का निर्माण करना तथा इटली को शक्तिशाली बनाना था । इसलिए इन्होंने ' शासन कला ' पर अपने विचार दिए। 

🔹 मैकियावेली के अनुसार , मानव स्वभाव से लालची, स्वार्थी व डरपोक है ,उसका मूल उद्देश्य अपनी संपत्ति की रक्षा करना है। संपत्ति की रक्षा के लिए ही मानव शक्ति अर्जित करना चाहता है। मैकियावेली के अनुसार, राजा को इन स्वार्थी व्यक्तियों को नियंत्रित करने के लिए भय व प्रेम दोनों का प्रयोग करना चाहिए । 

     मैकियावेली का प्रसिद्ध कथन है कि ' व्यक्ति अपने पिता की मृत्यु को भूल सकता है, लेकिन संपत्ति के विनाश को आजीवन नहीं भूलता है । ' 

🔹 मैकियावेली ने यूनानी युग के नैतिकता पूर्ण विचारों की बजाय राजनीति के यथार्थ का विश्लेषण किया । उसका मूल उद्देश्य राजनीति विज्ञान की सैद्धांतिक प्रश्नों का उत्तर देना नहीं , बल्कि बिल्कुल व्यावहारिक प्रश्नों से था । उन्होंने संप्रभुता,भाषा आधारित राष्ट्र- राज्य, धर्मनिरपेक्षता व गणतंत्र जैसे आधुनिक विचारों का शुभारंभ किया । 

🔹 मैकियावेली ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ' The Prince '

 में एक सफल शासक के गुणों व रणनीतियो का वर्णन किया ।  


मैकियावेली का राजनीतिक दर्शन (विचार)  : 


मैकियावेली ने अपनी रचना ' द प्रिंस ' में शासन कला का विचार दिया। मैकियावेली ने एक शक्तिशाली इटली के निर्माण के लिए राजनीति में हिंसा, धोखेबाजी आदि को उचित माना । उनके अनुसार एक शक्तिशाली राजा ही शक्तिशाली इटली का निर्माण कर सकता है । उन्होंने शेर जैसे बहादुर व लोमड़ी जैसी चालाक राजा को उचित माना । उनके अनुसार, राजा को सदगुणी, धर्म परायण व उदार दिखना चाहिए परंतु आवश्यकता पड़ने पर उसे छल ,धोखा व बल प्रयोग से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए । उनके अनुसार राजा जैसे दिखे वैसे होना नहीं चाहिए । सीजर बोर्जियो मैकियावेली का आदर्श शासक था ।

🔹 मैकियावेली ने राजा को सलाह दी , कि उसे यह सतर्कता बरतनी चाहिए, कि राजा के प्रति प्रजा में घृणा उत्पन्न ना हो तथा राजा द्वारा प्रजा ,महिलाओं व उनकी संपत्तियों पर आक्रमण ना किया जाए । 

🔹 मैकियावेली के अनुसार, राजा को धर्म का राजनीतिक प्रयोग सीखना चाहिए जबकि स्वयं धार्मिक नहीं होना चाहिए। राजा को दिखावा करना चाहिए कि वह लोगों को स्वतंत्रता प्रदान कर रहा है, जबकि वास्तविकता में ऐसा ना हो । 

🔹 मैकियावेली ने राज्य की सुरक्षा के लिए नागरिक सेना का समर्थन किया तथा भाड़े के सैनिकों को अविश्वसनीय माना। इसका वर्णन उन्होंने अपनी रचना ' The Art of War' में किया । 

🔹 मैकियावेली के अनुसार, राजा को सदगुण का सहारा लेना चाहिए भाग्य का नहीं । उनके अनुसार शक्ति द्वारा विपरीत परिस्थितिया भी नियंत्रित की जा सकती हैं । 

🔹 मैकियावेली के अनुसार राजा पर नैतिक मानदंड लागू नहीं होते, यदि राजा नैतिक मानदंडों से बंधा रहेगा ,तो यह उसके लिए हानिकारक है । नैतिकता के मानदंड आम व्यक्तियों पर लागू होते हैं । उनके अनुसार राज्य को शक्तिशाली बनाने के लिए शासक द्वारा किया गया कोई भी कार्य नैतिक है । 

🔹 धर्म व राजनीति में संबंध : 

मैकियावेली ने धर्म और राजनीति में स्पष्ट विभाजन किया , उन्होंने चर्च व राज्य के मध्य पूर्ण प्रथक्करण का समर्थन किया तथा पंथनिरपेक्ष राजनीति का आधार रखा।  उनके अनुसार चर्च इटली में एकता पैदा करने में समर्थ नहीं है एवं अन्य शक्तियों को भी एकता उत्पन्न करने में बाधा उत्पन्न करता है । मैकियावेली धर्म का विरोधी नहीं था परंतु वह चर्च का प्रबल विरोधी था । उन्होंने इटली के नैतिक अपकर्ष के विचार को जिम्मेदार माना। 



मैकियावेली की शासन प्रणाली :


 मैकियावेली ने अपनी रचना' द प्रिंस ' तथा ' द डिसकोर्सेज' में शासन पद्धति का वर्णन किया। The Prince में उन्होंने शक्तिशाली राजा का समर्थन किया । तथा The Discourses में गणतंत्रीय राज्य का समर्थन किया । इसमें उन्होंने स्वतंत्रता का भी समर्थन किया ,उनके अनुसार प्राचीन रोम में स्वतंत्रता सभी के लिए उपलब्ध थी। इसलिए कानून निर्माता की ये जिम्मेदारी है कि वह स्वतंत्रता को संरक्षित करे। 

🔹 मैकियावेली ने व्यावहारिक रूप में निरंकुश राजतंत्र को सर्वश्रेष्ठ शासन प्रणाली माना तथा सैद्धांतिक रूप में गणतंत्र को सर्वश्रेष्ठ शासन प्रणाली माना । उनके अनुसार गणतंत्र व्यवस्था में सुरक्षा बेहतर होती है । उनके अनुसार आम नागरिकों का सामूहिक विवेक एक व्यक्ति के विवेक से ज्यादा महत्वपूर्ण होगा । 

🔹 मैकियावेली के अनुसार, गणतांत्रिक शासन सर्वश्रेष्ठ होता है लेकिन यह उन्ही समाज में लागू हो सकता है जहां व्यक्ति सद्गुणी हो । उनके अनुसार स्विट्जरलैंड जैसे देश में यह प्रणाली लागू की जा सकती है क्योंकि यहां के व्यक्ति सदगुणी है ।

🔹 शक्ति - मैकियावेली ने केंद्रित शक्ति का समर्थन किया। उनके अनुसार शक्ति को बढ़ाने के लिए बल का प्रयोग अंतिम विकल्प के रूप में करना चाहिए। मैकियावेली ने शक्ति अर्जित करने की सभी साधनों का समर्थन किया । उनके अनुसार हिंसा का प्रयोग बर्बर एवं त्वरित रूप में करना चाहिए । उनके अनुसार शक्ति अर्जित करना ही  राजनीति का मूल उद्देश्य है । इसलिए इटली को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए उन्होंने नागरिक सेना बनाने का समर्थन किया । 

🔹 मैकियावेली की शासन प्रणाली में आधुनिक राजनीतिक विचारों, जैसे संप्रभुता ,भाषा आधारित राष्ट्र राज्य ,धर्मनिरपेक्षता व गणतंत्र आदि को पाया जाता है। 

🔹 राष्ट्रवाद - मैकियावेली के अनुसार ,राष्ट्रवाद का अभिप्राय राष्ट्र को शक्तिशाली बनाने से था । अर्थात इटली की शक्तियों को एक राजा में केंद्रित करना था। इसलिए उसने निरंकुश राजतंत्र का समर्थन किया। 



मैकियावेली की रचनाएं:


The Prince - शासन कला 

The Discourses - लोकतंत्र एवं स्वतंत्रता 

The art of War - नागरिक सेना 

The history of Florence - फ्लोरेंस का इतिहास 



🔹 मैकियावेली की प्रसिद्ध पुस्तक 'The Prince' है। 


👉 भारत का मैकियावेली


कौटिल्य (चाणक्य/विष्णुगुप्त) को भारत का मैकियावेली कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने राजनीति, कूटनीति और शासन कला पर 'अर्थशास्त्र' नामक ग्रंथ लिखा, जिसमें उन्होंने  सत्ता प्राप्ति और राज्य-प्रशासन के लिए, नैतिक आदर्शों से अधिक राज्य की सुरक्षा और स्थिरता पर जोर दिया तथा यथार्थवादी और व्यावहारिक रणनीतियों का वर्णन किया, जोकि निकोलो मैकियावेली के विचारों से मेल खाता है । इसलिए उन्हें भारत का मैकियावेली कहा जाता है । हालांकि मेकियावली का चिंतन अधिक सत्ता-केंद्रित है, जबकि कौटिल्य का दृष्टिकोण धर्म, लोककल्याण और राज्यहित को भी साथ लेकर चलता है। 


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मैकियावेली से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :


1. मैकियावेली कौन था?

उत्तर: निकोलो मैकियावेली इटली के पुनर्जागरण काल का प्रसिद्ध राजनीतिक दार्शनिक था, जिसने यथार्थवादी राजनीति और शासन कला का विश्लेषण किया।


2. मैकियावेली का जन्म कब और कहाँ हुआ?

उत्तर: मैकियावेली का जन्म 3 मई 1469 को फ्लोरेंस, इटली में हुआ।


3.  मैकियावेली की प्रसिद्ध पुस्तक कौन-सी है?

उत्तर: मैकियावेली की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक ‘The Prince’ (द प्रिंस) है।


4. ‘The Prince’ पुस्तक किसे समर्पित की गई थी?

उत्तर: यह पुस्तक फ्लोरेंस के शासक लोरेन्ज़ो दे मेडिची को समर्पित थी।


5.  मैकियावेली को राजनीतिक यथार्थवाद का जनक क्यों कहा जाता है?

उत्तर: क्योंकि उसने नैतिक आदर्शों के बजाय सत्ता, शक्ति और व्यावहारिक राजनीति पर जोर दिया।


6. मैकियावेली के अनुसार मानव स्वभाव कैसा होता है?

उत्तर: उसके अनुसार मनुष्य स्वार्थी, लालची, डरपोक और अपनी संपत्ति की रक्षा करने वाला होता है।


7. मैकियावेली का प्रसिद्ध कथन क्या है?

उत्तर: “मनुष्य अपने पिता की मृत्यु को भूल सकता है, लेकिन संपत्ति के विनाश को कभी नहीं भूलता।”


8.  मैकियावेली के अनुसार शासक को प्रेम या भय—किसे प्राथमिकता देनी चाहिए?

उत्तर: शासक को भय और प्रेम दोनों का प्रयोग करना चाहिए, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर भय अधिक प्रभावी होता है।


9. मैकियावेली का आदर्श शासक कौन था?

उत्तर: सीज़र बोर्जिया को उसने आदर्श शासक माना।


10. मैकियावेली के अनुसार राजा को किन गुणों का प्रदर्शन करना चाहिए?

उत्तर: राजा को धर्मपरायण, उदार और नैतिक दिखाना चाहिए, भले ही व्यवहार में ऐसा न हो।


11. मैकियावेली का धर्म पर क्या दृष्टिकोण था?

उत्तर: वह धर्म का विरोधी नहीं था, बल्कि चर्च के राजनीतिक हस्तक्षेप का विरोधी था।


12. मैकियावेली ने किस प्रकार की सेना का समर्थन किया?

उत्तर: उसने नागरिक सेना (Militia) का समर्थन किया और भाड़े के सैनिकों का विरोध किया।


13. मैकियावेली की अन्य प्रमुख रचनाएँ कौन-सी हैं?

उत्तर:

The Discourses

The Art of War

The History of Florence


14. मैकियावेली ने किस शासन प्रणाली को श्रेष्ठ माना?

उत्तर: व्यावहारिक रूप से निरंकुश राजतंत्र और सैद्धांतिक रूप से गणतंत्र को।


15. मैकियावेली का राष्ट्रवाद से क्या संबंध था?

उत्तर: उसका राष्ट्रवाद इटली को शक्तिशाली और एकीकृत बनाने पर केंद्रित था।


16. भारत का मैकियावेली किसे कहा जाता है और क्यों?

उत्तर: कौटिल्य (चाणक्य) को भारत का मैकियावेली कहा जाता है क्योंकि दोनों ने यथार्थवादी राजनीति और शासन कला पर जोर दिया।


17. कौटिल्य और मैकियावेली में मुख्य अंतर क्या है?

उत्तर: मैकियावेली सत्ता-केंद्रित था, जबकि कौटिल्य ने धर्म और लोककल्याण को भी महत्व दिया। 





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