थॉमस हॉब्स कौन थे? उनका जीवन परिचय, दर्शन, सामाजिक अनुबंध सिद्धांत, निरंकुश राज्य सिद्धांत, विचार और प्रमुख रचनाएं हिंदी में जानिए ।


थॉमस हॉब्स कौन थे? उनका जीवन परिचय, दर्शन, सामाजिक अनुबंध सिद्धांत, निरंकुश राज्य सिद्धांत, विचार और प्रमुख रचनाएं हिंदी में जानिए । 



🔹थॉमस हॉब्स कौन थे ? उनका जीवन परिचय : हॉब्स (1588-1679) ।

🔹थॉमस हॉब्स का विचार 

🔹थॉमस हॉब्स का राजनीतिक दर्शन 

🔹थॉमस हॉब्स के अनुसार प्राकृतिक अवस्था 

🔹थॉमस हॉब्स का सामाजिक अनुबंध का सिद्धांत 

🔹थॉमस हॉब्स का महत्व 

🔹थॉमस हॉब्स की रचनाएं 

🔹थॉमस हॉब्स से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर । 



थॉमस हॉब्स कौन थे ? उनका जीवन परिचय : हॉब्स (1588-1679)


थॉमस हॉब्स का जन्म 1588 में ब्रिटेन के मल्मेसबरी के पास वेस्टपोर्ट में हुआ था । उनके जन्म के पूर्व स्पेन की जल सेना ने इंग्लैंड पर आक्रमण कर दिया था । इस भय के वातावरण में थॉमस हॉब्स का जन्म होने के कारण उन्होंने भय को अपना जुड़वा भाई कहा। इंग्लैंड के गृहयुद्ध का उनके जीवन में अत्यधिक प्रभाव पड़ा, जिसने उनके राजनीतिक विचारों को जन्म दिया।  

       थॉमस हॉब्स ने अपनी रचना "De Corpore" में कहा कि ज्ञान का अंत, शक्ति है । उन्होंने राजनीति विज्ञान का अध्ययन ज्यामिति , भौतिकी और मनोविज्ञान की सहायता से किया । उनकी अध्ययन पद्धति को यांत्रिक या वैज्ञानिक भौतिकवाद कहा जाता है । थॉमस हॉब्स का यांत्रिक भौतिकवाद मार्क्स के द्वंदात्मक भौतिकवाद से अलग है । हॉब्स के अनुसार ,भौतिक अणु स्वतः गतिशील होते हैं , जबकि मार्क्स के अनुसार, अणुओ को बाहर से गति प्राप्त होती है ।  

       हॉब्स के अनुसार व्यक्ति और संपूर्ण विश्व भौतिक अणुओ के समुच्चय से निर्मित है । उन्होंने राजनीति के अध्ययन में इतिहास व नैतिकता का प्रयोग नहीं किया। थॉमस हॉब्स की प्रसिद्ध पुस्तक लेवियाथन (Leviathan) है , जोकि 1651 में प्रकाशित हुई।  



थॉमस हॉब्स का विचार


थॉमस हॉब्स ने मुख्य रूप से मानव के स्वभाव से संबंधी विचार प्रस्तुत किए, उनके अनुसार व्यक्ति लालची एवं स्वार्थी है, उसकी इच्छाएं अनंत हैं। व्यक्ति यश एवं शक्ति प्राप्त करना चाहता है। 

🔹 थॉमस हॉब्स ने समाज को कृत्रिम राज्य की भांति कहा , उनके अनुसार समाज, व्यक्तियों का समूह है तथा समाज में प्रत्येक व्यक्ति अणु की भांति स्वतंत्र है। 

🔹थॉमस हॉब्स के अनुसार राज्य का निर्माण व्यक्तियों के समझौते से हुआ है तथा राज्य मानव निर्मित एक संस्था है । राज्य के निर्माण का मूल उद्देश्य आत्म संरक्षण (Self Preservation) है। उनके अनुसार अगर राज्य व्यक्ति के आत्म संरक्षण में असफल हुआ तो राज्य के विरुद्ध क्रांति की जा सकती है। इस प्रकार से उन्होंने राज्य की उत्पत्ति के दैवीय सिद्धांत का खंडन किया और व्यक्तिवादी विचारधारा का समर्थन किया । हॉब्स के समान ही लॉक, बेन्थम व मिल भी राज्य को यंत्र मानते हैं। 




थॉमस हॉब्स का राजनीतिक दर्शन:


 थॉमस हॉब्स आधुनिक राजनीतिक दर्शन के प्रमुख विचारकों में से एक थे। उनके राजनीतिक विचार मुख्य रूप से सुरक्षा, शांति और सशक्त राज्य की अवधारणा पर आधारित हैं। उन्होंने प्राकृतिक अवस्था, मानव स्वभाव, सामाजिक अनुबंध का सिद्धांत, संप्रभुता व शक्ति के सिद्धांत संबंधित विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए जोकि निम्नवत हैं। 


थॉमस हॉब्स के अनुसार प्राकृतिक अवस्था :


थॉमस हॉब्स के अनुसार , प्राकृतिक अवस्था पूर्व सामाजिक एवं पूर्व राजनीतिक अवस्था थी अर्थात सामाजिक समझौते से पूर्व की अवस्था । प्राकृतिक अवस्था सभी के विरुद्ध सभी के संघर्ष की अवस्था थी । इस अवस्था में समाज, राज्य ,संपत्ति व सभ्यता का अभाव था। मानव जीवन पाशविक , क्षणिक व बर्बर था तथा नैतिकता की संकल्पना का आभाव था । प्राकृतिक अवस्था में व्यक्ति के पास केवल एक ही अधिकार था कि ' शक्ति ही अधिकार है ' । 

🔹थॉमस हॉब्स के अनुसार मानव विवेक या बुद्धि का नियम ही प्राकृतिक विधि है , परंतु इसमें विशुद्ध विवेक देखा जा सकता है। अतः इनकी प्राकृतिक विधि मध्यकालीन सार्वभौमिक विधि नहीं है । इनके चिंतन में  19 प्रकार की प्राकृतिक विधियों का उल्लेख है । 

जैसे -  प्रत्येक व्यक्ति को शांति स्थापित करने के लिए प्रयत्न करना चाहिए। व्यक्तियों को कुछ अधिकार परित्याग करने को तैयार रहना चाहिए। तथा इनके क्रियान्वयन के लिए परस्पर समझौता करना चाहिए। 


थॉमस हॉब्स का सामाजिक अनुबंध का सिद्धांत


थॉमस हॉब्स के अनुसार, सामाजिक अनुबंध का अभिप्राय एक ऐसे समझौते से है जो व्यक्तियों व समुदाय ने आपस में मिलकर  किया ,तथा राज्य का निर्माण किया।  हॉब्स के शब्दों में , ' मै अपने ऊपर शासन का अधिकार इस व्यक्ति या व्यक्ति समूह को सौंप रहा हूं लेकिन शर्त यह भी है कि आप भी अपनी शक्तियां इसे सौंप दें । 

🔹थॉमस हॉब्स के अनुसार, व्यक्तियों ने अपने आत्म संरक्षण के लिए आपस में समझौता करके अपनी सभी शक्तियां एक सर्वोच्च राजा को सौंप दी । इस प्रकार राज्य या राजा एक समझौते का परिणाम है । इस सामाजिक समझौते का मूल आधार, बुद्धि, शक्ति एवं उपयोगिता है। 

🔹 हॉब्स का सामाजिक समझौता, ऐतिहासिक नहीं है बल्कि एक दार्शनिक सत्य या सैद्धांतिक समझौता है ।हैकर के अनुसार हॉब्स के इस सिद्धांत में सहमति का सिद्धांत पाया जाता है । 

🔹 थॉमस हॉब्स के अनुसार केवल एक ही समझौते के द्वारा राज्य ,समाज व सरकार तीनों का निर्माण हुआ । ये तीनो कृत्रिम संस्थाएं हैं जिनका उद्देश्य आत्म संरक्षण है। 

समझौता भंग होने पर व्यक्ति पुनः प्राकृतिक अवस्था में चले जायेगे। इस समझौते के द्वारा सभी व्यक्ति अपनी सभी शक्तियां एक राजा को प्रदान करते है तथा उनका अधिकार समाप्त हो जाता है। 


संप्रभुता

थॉमस हॉब्स के विचारों में वैधानिक संप्रभुता का विचार पाया जाता है । उनके अनुसार संप्रभुता की विशेषता सर्वोच्च शक्तिशाली , असीमित , अविभाज्य और निरंकुश है।  उन्होंने संप्रभुता को सभी प्रतिबंधों से मुक्त कर दिया । उन्होंने राज्य को पूर्ण सत्तावादी माना तथा संप्रभु के आदेश को ही विधि माना। उनके अनुसार राज्य, समाज व सरकार के मध्य कोई भेद नहीं है । उन्होंने राज्य और राजा में भी अंतर नहीं किया । इसलिए सेबाइन ने हॉब्स की संप्रभुता को काल्पनिक निगम की संज्ञा दी । 


स्वतंत्रता एवं शक्ति :

थॉमस हॉब्स के अनुसार विधि का मौन रहना ही स्वतंत्रता है,  । वाहन के अनुसार हॉब्स के विचारों में एक तरफ अराजकतावाद है तो दूसरी तरफ निरंकुशतावाद का खतरा है। 

🔹हॉब्स के अनुसार, शक्ति का प्रयोग सहमति से किया जाता है , जो कि दो व्यक्तियों या समूह के आपसी समझौते के परिणाम स्वरुप निर्मित होती है । उनके अनुसार अवैधानिक शक्ति की कल्पना अतार्किक है। 



थॉमस हॉब्स का महत्व


थॉमस हॉब्स के चिंतन में उदारवाद का दार्शनिक आधार अंतर्निहित है। तथा उपयोगितावाद का आधार भी विद्यमान है क्योंकि उन्होंने राज्य को एक उपयोगी संस्था माना है ।उन्होंने सत्ता और कानून के संबंध को स्पष्ट किया । इस प्रकार उन्होंने आधुनिक राज्य की अवधारणा को और भी मजबूत किया  तथा अराजकता के विरुद्ध सशक्त शासन की वकालत की। 



थॉमस हॉब्स की रचनाएं : 


👉 थॉमस हॉब्स की प्रसिद्ध एवं महत्वपूर्ण कृति लेवियाथन (Leviathan) (1651) है। जिसे उन्होंने अंग्रेजी में लिखा ।

माइकल ओकशॉट ने Leviathan को अंग्रेजी साहित्य की सबसे बेहतर रचना कहा । 


👉

 🔹De Cive (1642) - नागरिक के बारे मे 

 🔹De Corpore(1655) - भौतिक दर्शन 

 उपर्लिखित रचनाओ को उन्होंने लैटिन भाषा में लिखा । 


🔹The Elements of Law, Natural and Politic (1640) - प्राकृतिक कानून, प्राकृतिक अधिकार ।


👉 History of the Peloponnesian War का अंग्रेज़ी अनुवाद थॉमस हॉब्स ने किया । 


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https://www.polsciencenet.in/?m=1



➡️जॉन लॉक का जीवन परिचय, सामाजिक समझौता सिद्धांत, एवं राजनीतिक दर्शन के बारे ने जानकारी के लिए ये आर्टिकल पढ़ें 👉 

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थॉमस हॉब्स से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर:


1. थॉमस हॉब्स कौन थे?

उत्तर:

थॉमस हॉब्स (1588–1679) इंग्लैंड के प्रसिद्ध राजनीतिक दार्शनिक थे, जिन्हें आधुनिक राजनीतिक दर्शन का जनक माना जाता है। वे सामाजिक अनुबंध सिद्धांत और निरंकुश राज्य के समर्थक थे।


2. थॉमस हॉब्स की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक कौन-सी है?

उत्तर:

Leviathan (1651)

यह पुस्तक आधुनिक राज्य, संप्रभुता और सामाजिक अनुबंध का आधार मानी जाती है।


3. हॉब्स के अनुसार प्राकृतिक अवस्था क्या है?

उत्तर:

प्राकृतिक अवस्था पूर्व-राजनीतिक एवं पूर्व-सामाजिक अवस्था है, जहाँ

 “सभी का संघर्ष सभी के विरुद्ध” होता है। एवं मानव जीवन एकाकी, निर्धन, पाशविक, क्रूर और क्षणिक होता है।


4. प्राकृतिक अवस्था में मानव का स्वभाव कैसा होता है?

उत्तर: हॉब्स के अनुसार मानव , स्वार्थी , लालची, शक्ति-लोलुप, भयग्रस्त और आत्म-संरक्षण पर केंद्रित होता है ।


5. हॉब्स के अनुसार प्राकृतिक अवस्था में अधिकार क्या है?

उत्तर:

प्राकृतिक अवस्था में व्यक्ति का केवल एक अधिकार होता है

 “शक्ति ही अधिकार है (Might is Right)”


6. सामाजिक अनुबंध सिद्धांत से हॉब्स का क्या तात्पर्य है?

उत्तर: सामाजिक अनुबंध वह समझौता है जिसमें व्यक्ति

अपनी सभी शक्तियाँ एक सर्वोच्च शासक (राजा) को सौंप देते हैं तथा बदले में सुरक्षा और शांति प्राप्त करते हैं।


7. क्या हॉब्स का सामाजिक अनुबंध ऐतिहासिक था?

उत्तर:

नहीं।  यह एक दार्शनिक और काल्पनिक (Hypothetical) अनुबंध है, न कि ऐतिहासिक।


8. हॉब्स के सामाजिक अनुबंध का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर:

 आत्म-संरक्षण (Self-Preservation)

 शांति और सुरक्षा की स्थापना


9. हॉब्स के अनुसार संप्रभुता की विशेषताएँ क्या हैं?

उत्तर:

हॉब्स के अनुसार संप्रभुता , सर्वोच्च, असीमित , अविभाज्य , निरंकुश  एवं सभी कानूनों से ऊपर होती है । 


10. हॉब्स किस प्रकार के राज्य का समर्थन करते हैं?

उत्तर:

 निरंकुश (Absolute) राज्य एवं शक्तिशाली केंद्रीय सत्ता


11. हॉब्स के अनुसार कानून क्या है?

उत्तर:

👉 संप्रभु का आदेश ही कानून है

👉 नैतिकता और धर्म कानून के अधीन हैं


12. हॉब्स के अनुसार स्वतंत्रता क्या है?

उत्तर:

 “विधि का मौन रहना ही स्वतंत्रता है” अर्थात जहाँ कानून नहीं है, वहीं स्वतंत्रता है।


13. हॉब्स के दर्शन की पद्धति क्या थी?

उत्तर:  यांत्रिक भौतिकवाद (Mechanical Materialism )


14. “ज्ञान का अंत शक्ति है” यह कथन किसका है?

उत्तर:

👉 थॉमस हॉब्स (De Corpore)


15. हॉब्स ने राज्य की उत्पत्ति के किस सिद्धांत का खंडन किया?

उत्तर:  दैवीय सिद्धांत (Divine Theory of State)


16. हॉब्स के अनुसार राज्य क्या है?

उत्तर: राज्य एक कृत्रिम, मानव-निर्मित संस्था है । यह एक यंत्र (Machine) की तरह कार्य करता है।


17. थॉमस हॉब्स की अन्य प्रमुख रचनाएँ कौन-सी हैं?

उत्तर:

De Cive (1642)

De Corpore (1655)

The Elements of Law (1640)

History of the Peloponnesian War (अनुवाद)


18. हॉब्स का राजनीतिक विचार किस विचारधारा की ओर संकेत करता है?

उत्तर:

👉 निरंकुशतावाद

👉 उदारवाद का प्रारंभिक आधार

👉 उपयोगितावाद का दार्शनिक आधार


19. सेबाइन ने हॉब्स की संप्रभुता को क्या कहा?

उत्तर:  “काल्पनिक निगम (Fictitious Corporation)”


20. हॉब्स की तुलना किन विचारकों से की जाती है?

उत्तर:

👉 लॉक (Locke)

👉 रूसो (Rousseau)

👉 मैकियावेली


21. हॉब्स को किस विषय का जनक कहा जाता है?

उत्तर:आधुनिक राजनीतिक दर्शन का जनक


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